संज्ञा के कितने भेद होते हैं? | (Sangya ke kitne bhed hote hain)

आज हम जानेंगे की संज्ञा के कितने भेद होते हैं? (Sangya ke kitne bhed hote hain) या संज्ञा कितने प्रकार के होते हैं? (Sangya kitne prakar ke hote hai) तथा संज्ञा के सभी भेदों के उदाहरण को भी हम पूरे विस्तार से देखेंगे।

संज्ञा के कितने भेद होते हैं?

हिंदी व्याकरण का महत्वपूर्ण भाग

किसी जाति, द्रव्य, गुण, भाव, व्यक्ति, स्थान और क्रिया आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं।

जैसे – पशु (जाति), सुंदरता (गुण), व्यथा (भाव), मोहन (व्यक्ति), दिल्ली (स्थान), मारना (क्रिया)।

संज्ञा के कितने भेद या प्रकार होते हैं? (Sangya ke bhed ya prakar hote hain?)

संज्ञा के भेद पाँच होते हैं :-

  1. व्यक्तिवाचक संज्ञा
  2. जातिवाचक संज्ञा
  3. समूहवाचक संज्ञा
  4. द्रव्यवाचक संज्ञा
  5. भाववाचक संज्ञा

अब हम सारे संज्ञा के भेद के बारे में विस्तार से जानेंगे, हर संज्ञा के भेद के परिभाषा को जानेंगे, संज्ञा के भेद उदहारण को भी जानेंगे

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  1. सर्वनाम के भेद
  2. लिंग के भेद
  3. प्रत्यय के भेद

व्यक्तिवाचक संज्ञा

वह शब्द जो किसी एक व्यक्ति , वस्तु , स्थान आदि का बोध कराता है उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते है। जैसे –

  • राम – व्यक्ति का नाम है
  • श्याम – व्यक्ति का नाम है
  • टेबल – बैठक का एक साधन है किन्तु एक नाम को सूचित कर रहा है इसलिए यह व्यक्तिवाचक है।
  • कुर्सी – बैठक का एक साधन है किन्तु एक नाम को सूचित कर रहा है इसलिए यह व्यक्तिवाचक है।
  • कार – यातायात का एक साधन है , किन्तु सम्पूर्ण यातायात नहीं है कार एक माध्यम है। इसके कारण यह एक व्यक्ति को इंगित कर रहा है।
  • दिल्ली – एक राज्य है किन्तु पूरा देश नहीं इसलिए यह व्यक्तिवाचक है।
  • मुंबई – एक राज्य है किन्तु पूरा देश नहीं इसलिए यह व्यक्तिवाचक है।

समूहवाचक संज्ञा

जिन संज्ञा शब्दों से किसी एक व्यक्ति का बोध न होकर पुरे समूह / समाज का बोध हो वह समूह वाचक / समुदायवाचक संज्ञा होता है। जैसे –

  • सेना – सेना में कई सैनिक होते है। यहाँ समूह की बात हो रही है।
  • पुलिस – पुलिस हर स्थान , राज्य , देश में होते है। उसी बड़े रूप को इंगित किया जा रहा है।
  • पुस्तकालय – पुस्तकालय में अनेक पुस्तक होते है। यहाँ किसी एक पुस्तक की बात नहीं हो रही है।
  • दल – अनेक व्यक्तिों से मिलकर एक दल , या समूह का निर्माण होता है।
  • समिति – अनेक व्यक्तिों से मिलकर एक समिति , या समूह का निर्माण होता है।
  • आयोग – आयोग का गठन किसी खास उद्देश्य के लिए किया जाता है , इसमें अनेक सदस्य होते है।
  • परिवार – एक परिवार में अनेक सदस्य हो सकते है यहाँ तक की 2 -3 पीढ़ी भी।

द्रव्यवाचक संज्ञा

जिस संज्ञा शब्दों से किसी धातु , द्रव्य , सामग्री , पदार्थ आदि का बोध हो , उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते है। जैसे –

  • गेहूं – भोजन की सामग्री है।
  • चावल – भोजन की सामग्री है।
  • घी – भोजन की सामाग्री है।
  • सोना – आभूषण के लिए एक द्रव्य या पदार्थ है।
  • चांदी – आभूषण के लिए एक पदार्थ है।
  • तांबा – एक धातु है।
  • ऊन – ऊन वस्त्र बनाने की एक सामाग्री है।

जातिवाचक संज्ञा

जो शब्द संज्ञा किसी जाति , का बोध करवाता है वह जातिवाचक संज्ञा कहलाता है। जैसे –लड़का , लड़की , नदी , पर्वत आदि।

जातिवाचक संज्ञा के दो भेद है।

  • द्रव्यवाचक संज्ञा
  • समूह वाचक संज्ञा।

संज्ञा के भेद – भाववाचक संज्ञा

जिन संज्ञा शब्दों से पदार्थों की अवस्था , गुण – दोष , धर्म , दशा , आदि का बोध हो वह भाववाचक संज्ञा कहलाता है। जैसे –

  • बुढ़ापा – बुढ़ापा जीवन की एक अवस्था है।
  • मिठास – मिठास मिठाई का गुण है।
  • क्रोध – क्रोध एक भाव या दशा है।
  • हर्ष – हर्ष एक भाव या दशा है।
  • यौवन – यौवन स्त्री की एक दशा है।
  • बालपन – बालपन बालक का गुण है अथवा एक दशा और अवस्था है।
  • मोटापा – मोटापा एक अवस्था है जो मोटापे का इंगित करता है।

संज्ञा के तीन भेद है – व्यक्तिवाचक , जातिवाचक , भाववाचक संज्ञा।

संज्ञा की पहचान क्या है ? ( Sangya ki pehchan kya hai )

कुछ संज्ञा शब्द प्राणीवाचक होता है , तो कुछ शब्द अप्राणिवाचक। कुछ शब्द गणनीय होती है तो कुछ शब्द अगणनीय।

प्राणीवाचक संज्ञा

वह शब्द जिससे किसे सजीव वस्तु का बोध हो जिसमे प्राण हो उसे प्राणीवाचक संज्ञा कहते है जैसे –

  • लड़का
  • गाय
  • रमेश

चिड़िया आदि उपरोक्त सभी में प्राण है इस कारण यह प्राणीवाचक संज्ञा कहलाता है।

अप्राणिवाचक संज्ञा

जिस वस्तु , में प्राण न हो वह अप्राणिवाचक संज्ञा कहलाता है जैसे –

  • मेज
  • रेलगाडी
  • मकान
  • पुस्तक
  • पर्वत

उपरोक्त शब्दों में प्राण / या सजीव नहीं है। इसलिए यह अप्राणिवाचक संज्ञा है।

गणनीय संज्ञा

जिस व्यक्ति , वस्तु , पदार्थ आदि की गणना की जा सकती है। उसकी संख्या ज्ञात की जा सकती है वह शब्द गणनीय sangya कहलायेगा। जैसे

  • लड़का
  • पुस्तक
  • भवन
  • गाय
  • केले

अगणनीय संज्ञा

जिस व्यक्ति , वस्तु , पदार्थ आदि की गणना नहीं की जा सकती है। उसकी संख्या ज्ञात नहीं की जा सकती है वह शब्द अगणनीय संज्ञा कहलायेगा। जैसे –

  • दूध
  • पानी
  • हवा
  • मित्रता आदि

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