B.ed कितने साल का होता है? (B.ed kitne saal ka hota hai)

आज हम जानेंगे कि B.Ed कितने साल का होता है? (B.ed kitne saal ka hota hai) या b.ed को पूरा करने में हमें कितना वर्ष का वक्त लगेगा तथा b.ed से जुड़ी हम सभी प्रकार के अलग-अलग तथ्यों के बारे में जानेंगे?

B.ed कितने साल का होता है?

B.ed कोर्स की अवधि ‘2 वर्ष ‘ की होती है। यह 2 वर्ष का एक स्नातक कोर्स है।

B.ed की जानकारी

सीधे शब्दों में यदि आप आगे चलकर एक शिक्षक बनना चाहते हैं या शिक्षण के क्षेत्र में कार्य करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको b.Ed करना होगा। B.Ed का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ एजुकेशन (bachelor of education) है, जो कि एक पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स है। इस कोर्स के अंतर्गत मुख्यत: पढ़ाना सिखाया जाता है यानी अभ्यार्थी को एक शिक्षक के रूप में तैयार किया जाता है।

Teaching profession में अपना करियर बनाने की सोचने वालों के लिए वर्तमान में यह एक अनिवार्य कोर्स बन गया है। यदि आपको पढ़ना और विशेषता पढ़ाना पसंद है तो आपको b.Ed का चुनाव करना चाहिए। B.Ed का कोर्स 2 वर्ष की अवधि का होता है और इसे आप अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर लेने के बाद कर सकते हैं। सरकार के अनुसार वर्ष 2019 से चाहे सरकारी टीचर हो या नीचे सभी के पास b.Ed की डिग्री होना अनिवार्य है। b.Ed का कोर्स पूरा कर लेने के बाद आप किसी प्रकार के शिक्षण कार्य करने के लिए योग्य हो जाते हैं।

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B.Ed के लिए न्यूनतम योग्यता?

न्यूनतम योग्यता यानी मिनिमम क्वालिफिकेशन में b.Ed के कोर्स को करने के लिए आपका कम से कम एक ग्रेजुएट होना जरूरी है। आपने अपने विकल्प के किसी भी विषय में यदि अपना ग्रेजुएशन पूरा कर लिया है तो उसके बाद आप b.ed के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

अपने जिस सब्जेक्ट से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया है उस सब्जेक्ट में आपके कम से कम ग्रेजुएशन में 50% नंबर होने चाहिए। B.Ed के कुछ दूसरे संस्थानों में रिक्वायर्ड परसेंटेज कुछ अधिक भी हो सकते हैं। औसतन आपका अपने सब्जेक्ट में 50 से 55% मार्क्स रहने पर b.Ed के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

B.ed कैसे करें?

सबसे पहली बात तो यही कि b.Ed करने के लिए आपका ग्रेजुएट होना जरूरी है। यदि आप वाकई एक टीचर बनना चाहते हैं तो दसवीं के बाद आप उसी सब्जेक्ट के स्ट्रीम को चुनेंगे जिसे आप पढ़ाना चाहते हैं उसके बाद 12वीं के बाद ग्रेजुएशन में भी आप उसी सब्जेक्ट को  पढ़ेंगे।

ग्रेजुएशन पूरी हो जाने के बाद b.Ed करने की इच्छा रखने वाले छात्रों को सबसे पहले एक प्रवेश परीक्षा देनी होती है, जिसमें उत्तीर्ण होने के बाद अभ्यार्थियों को काउंसलिंग में बुलाया जाता है, परंतु कई  कॉलेजों में सिर्फ मेरिट के आधार पर ही उनका मेरिट लिस्ट में नाम आ जाता है, और उसके बाद काउंसलिंग में रैंक के अनुसार उन्हें कॉलेज मिलता है जिसमें वे अपनी बीएड की पढ़ाई करेंगे।

B.Ed की पढ़ाई आप रेगुलर या डिस्टेंस किसी भी तरीके से कर सकते हैं रेगुलर का मतलब होगा कि आपको नियमित रूप से कॉलेज जाकर इसकी पढ़ाई करनी होगी और डिस्टेंस कोर्स करने पर आप को नियमित रूप से कॉलेज जाने की आवश्यकता नहीं होती है।

B.Ed की पढ़ाई सरकारी कॉलेज और प्राइवेट कॉलेज दोनों से ही की जा सकती है। किसी भी गवर्नमेंट से मान्यता प्राप्त महाविद्यालय से चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट आप b.ed कर सकते हैं। हालांकि प्राइवेट और सरकारी कॉलेज में से ज्यादातर छात्रों की पहली पसंद एक सरकारी कॉलेज से b.Ed करना होता है। इसका सबसे बड़ा कारण फीस है। एक प्राइवेट कॉलेज की तुलना में आप काफी कम खर्च में एक सरकारी कॉलेज से b.Ed की डिग्री ले सकते हैं ।

B.Ed के लिए अप्लाई करने पर इसकी परीक्षा आमतौर पर जून-जुलाई के महीने में आयोजित होती है हालांकि  यह कई बार अलग भी हो सकता है।

B.ed में कौन-कौन से विषय होते हैं

B.Ed में आप शिक्षा संस्कृति और मानव मूल्य, शिक्षा का दर्शन, शैक्षणिक मनोविज्ञान, समग्र शिक्षा, मार्गदर्शन और परामर्श, जैविक विज्ञान, प्रकृति विज्ञान, व्यापार, शारीरिक शिक्षा, मार्गदर्शन और परामर्श जैसे विषयों में से अपनी रुचि के अनुसार चयन कर सकते हैं।

आपने किस विषय से ग्रेजुएशन किया है आप उसी में b.Ed करेंगे। b.Ed के अंतर्गत आने वाले अन्य विषय अंग्रेजी, हिंदी, भौतिक विज्ञान, राजनीतिक विज्ञान, विशेष शिक्षा, तमिल, कंप्यूटर विज्ञान, अर्थशास्त्र, होम साइंस, हियरिंग इंपेयर्ड, रसायन विज्ञान, भूगोल तथा गणित इत्यादि जैसे विषय है।

B.Ed की फीस कितनी होती है?

जैसा कि हम जानते हैं कि b.Ed का कोर्स 2 वर्ष की अवधि का होता है। अगर आप b.ed रेगुलर करते हैं तो इसके लिए फिर फीस अलग लगेगी और डिस्टेंस से करने पर उसकी फीस अलग होगी। जैसे यदि आप रेगुलर तरीके से किसी कॉलेज से b.Ed करते हैं तो औसतन फीस 50,000 से 70000 के बीच रहती है वहीं डिस्टेंस कोर्स करने पर आपको रेगुलर की तुलना में कम फीस लगता है।

जाहिर है कि प्राइवेट कॉलेजों की तुलना में सरकारी कॉलेज से b.Ed करने पर फीस कम लगता है। उदाहरण के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से b.Ed करने पर प्रतिवर्ष औसतन 32000 फीस लगती है। इसी प्रकार अन्य कुछ सरकारी कॉलेजों की फीस भी कम होती है और इनकी तुलना में प्राइवेट कॉलेज की फीस अधिक होती है।

B.Ed के बाद क्या कर सकते हैं?

B.Ed का कोर्स कर लेने के बाद आप किसी प्रकार के शिक्षण कार्य करने के योग्य हो जाते हैं। B.Ed कर लेने के बाद टीजीटी या पीजीटी के तौर पर अध्यापन का कार्य कर सकते हैं। यदि आपने 50% अंकों के साथ b.Ed पूरी कर ली तो आप ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर यानी टीजीटी के तौर पर अध्यापन का कार्य कर सकते हैं जिसमें आपको कक्षा 1 से लेकर कक्षा दसवीं तक के छात्रों को पढ़ाना होता है।

B.Ed कर लेने के बाद आप किसी कोचिंग केंद्र में  पढ़ा सकते हैं। अन्य विकल्पों में आपके पास शिक्षा परामर्शदाता, गृह अध्यापन, पब्लिशिंग हाउस में कार्य करने, रिसर्च एंड डेवलपमेंट एजेंसियों में कार्य करना, निजी प्राइमरी में अध्यापन करना,  स्कूल और कॉलेज में पढ़ाने जैसे विकल्प भी होते हैं । B.Ed कर लेने के बाद आपके लिए प्रशासक, शिक्षक, सामग्री लेखक, सहायक डीन, सलाहकार, शिक्षा शोधक आदि जैसे जॉब प्रोफाइल्स को चुन सकते हैं।

इन job profiles में आपका औसतन वार्षिक वेतन ढाई लाख से 3.5 तक का भी हो सकता है, यदि आप एक टीजीटी के तौर पर नियुक्त होते हैं। वहीं पीजीटी में 4 से 5 लाख तक वार्षिक भी हो सकता है।

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