कोचिंग के बिना आईएएस की तैयारी कैसे करें?

पहले हमारे देश में UPSC की तैयारी करने वाले बहुत से छात्र-छात्राएं हैं। हर छात्र IAS बनना चाहता है परंतु सफलता बहुत कम को मिलती है। कई बार student के मन में यह प्रश्न रहता है कि क्या बिना coaching के आईएस बना जा सकता है या UPSC का एग्जाम दिया जा सकता है।

क्योंकि सभी student बेस्ट से बेस्ट coaching में एडमिशन ले कर UPSC की exam पास करना चाहते हैं परंतु क्या बिना coaching के IAS की तैयारी की जा सकती है? आज हम इसी सवाल पर चर्चा करेंगे। और जानेंगे की coaching के बिना IAS की तैयारी कैसे करें?

कोचिंग के बिना आईएएस की तैयारी कैसे करें

कोचिंग के बिना आईएएस की तैयारी कैसे करें?

जवाब: जी हां बिना coaching के भी आईएएस (IAS) की तैयारी हो सकती है। परंतु यह पूरी तरह से छात्र पर निर्भर करता है कि वह कितनी मेहनत कर रहा है और कितना प्रयास कर रहा है।

यदि आप UPSC की exam कि पिछले परिणाम पर ध्यान दें तो आप पाएंगे कि ऐसे कई छात्र हैं जो बिना coaching के भी UPSC की exam को पार करके IAS ऑफिसर के पद पर नियुक्त हुए हैं। यदि आप ध्यान दें तो आप पाएंगे कि ऐसे कई छात्र-छात्राएं हैं जिन्होंने बिना अत्यधिक लागत के UPSC की exam को अपने मेहनत और लगन से पास किया है।

कोचिंग के बिना आईएएस की तैयारी करने की तरीक़े 

  • सबसे पहले तो हम यह देखेंगे कि अगर हम कोई coaching नहीं कर रहे हैं तो हम coaching की जगह YouTube की सहायता ले सकते हैं। आज के टाइम में YouTube भी एक बहुत अहम रोल निभाता है।
  • दूसरा हम यह कर सकते हैं कि यदि हम IAS की तैयारी कर रहे हैं तो हम पहले ही उसका सारा syllabus जान ले।
  • तीसरा हम यह कर सकते हैं कि यदि हम घर पर ही IAS की तैयारी कर रहे हैं तो यदि हम यह पहले से निश्चित कर चुके हैं कि हमें आगे IAS ही बनना है और UPSC का exam ही दे गे तो हम उस हिसाब से ही अपने सब्जेक्ट को चुनें और उस में अच्छे अंको से पास होंगे।
  • IAS की तैयारी के बेस्ट किताबों को पढ़ें,
  • चौथा यह कि अगर आप कोई coaching नहीं कर रहे हैं तो आप  test series join कर सकते हैं जो कि काफी अच्छे होते हैं और जिनमें आप और बहुत सारे विद्यार्थियों के साथ compete करके अपना level जान सकते हैं।
  • जैसे कि आप अपना टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करें तो इससे आपको आपकी पढ़ाई में बहुत सहायता होगी।
  • इसके अलावा यदि आप सबसे पहले 6 से 10 तक की सारी NCERT किताबे पढ़ें तो यह बहुत फायदे मंद है।
  • आप रोजाना न्यूज़ पेपर से अपने सारे current affair की तैयारी कर सकते हैं। इसके अलावा महीने की magazine पढ़ के आप अपने knowledge को और बढ़ा सकते हैं और इस परीक्षा में आपके सफलता के chances भी बढ़ जाते हैं।
  • आप फोन से टेस्ट सीरीज दे सकते हैं जो कि रोजाना होता है जिसमें आपको यह पता चलेगा  की आपकी तैयारी कैसी है और कहां तक है।

तो अब बात आती है कि जब बिना coaching के UPSC का एग्जाम दिया जा सकता है तो क्या UPSC की coaching करना गलत है, आब ये सवाल आपके मन में ज़रूर आएगा। तो अब जानेंगे कि आईएएस की कोचिंग करना क्या ग़लत है?

क्या आईएएस की coaching करना गलत है?

तो इसका जवाब है नहीं UPSC की coaching करना गलत नहीं है परंतु हम इस बात पर भी ध्यान देंगे कि कहीं आपको आपका coaching गुमराह तो नहीं कर रहा। UPSC का एग्जाम  एक ऐसा एग्जाम है जिसमें छात्र की लगन और मेहनत ही उसे UPSC का एग्जाम पास करा सकती है।

यदि आप पढ़ने में बहुत अच्छे हैं तो आपको coaching की जरूरत नहीं है परंतु यदि आपको ऐसा लगता है कि UPSC की coaching करने से आपको मदद मिलती है तो आपको coaching करनी चाहिए। हमने कई ऐसे छात्र भी देखे हैं,

जिन्होंने UPSC की तैयारी करने के लिए अपने नौकरी भी छोड़ दी,और कई ऐसे छात्र भी देखे हैं जिन्होंने अपना सारा काम करते हुए भी UPSC का एग्जाम पास कर लिया यह सब होता है उनकी मेहनत और लगन के आधार पर कि कौन कितना मेहनत करता है।

IAS कोचिंग की कभी कभी ज़रूरी क्यों हो जाता है?

आसान भाषा में देखा जाए तो हम ऐसे समझते हैं कि यदि हम coaching का सारा कुछ खुद से पढ़ ले तो हमें coaching की क्या आवश्यकता है, यदि ऐसा है तो यह संभव है कि हम coaching के बिना भी UPSC की तैयारी कर के एग्जाम पास कर सकते हैं।

परंतु इस बात में भी कोई संदेह नहीं है कि एक अच्छा मार्गदर्शक हमारे UPSC के एग्जाम में बहुत मदद कर सकता है। एक अच्छे मार्गदर्शक के होने से आपको इस एग्जाम में पास करने की संभावना और कई गुना बढ़ जाती है।

ऐसा कहकर मैं coaching संस्थानों में एडमिशन करवाने को बढ़ावा नहीं दे रही हूं, एक उदाहरण के रूप में यह बात सही है कि एक मार्गदर्शक हमारी सहायता करें तो हमारे सफलता के संभावना ज्यादा बढ़ जाती है।

परंतु यह बात इस पर भी निर्भर करती है कि आपके द्वारा चुने गया coaching अच्छा है या नहीं। अगर आप किसी नए विषय को चुन रहे हैं तो उसमें आपको मार्गदर्शक की मदद की जरूरत पढ़ सकती है, पर किसी भी coaching में एडमिशन लेने से पहले यह देख ले कि उस coaching से आपकी मदद हो रही है या नहीं।

coaching class के बारे में कुछ बातें जो हमें जानी चाहिए:

ऐसी बात नहीं है कि सारे coaching class बूरे ही होते हैं कहीं coaching class ऐसे भी होते हैं जो धन के लिए नहीं, student को योग्य बनाने के लिए होते है। ऐसे कई coaching है जो विद्यार्थियों को उनके प्रयासों में मदद करने के लिए है और उन्हें उनके लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हैं।इन coaching में आपको असल शिक्षा दी जाती है जो कि सच में आपके मार्गदर्शन में मदद करती है।

आपको IAS coaching की जरूरत कब पड़ेगी:

  • यदि आप कम समय में अपनी तैयारी कर रहे हो तो आपको एक crash course की जरूरत पड़ सकती है।
  • यदि आप कोई नया सब्जेक्ट चुन रहे है,जिसके बारे में आपको कोई जानकारी नहीं है या कम जानकारी है तो आप ऐसे में coaching class कर सकते हो।
  • यदि आप में एक ऐसे student हो जो अकेले तैयारी करने में आत्मविश्वास ही नहीं महसूस करते और जिसे competition करना हो वह coaching ज्वाइन कर सकता है।
  • यदि आप एक ऐसे व्यक्ति हो जिसे UPSC के बारे में और उसकी किताबों के बारे में कम जानकारी है और यदि आप इसकी पढ़ाई नहीं समझ पा रहे हो तो आपको coaching करनी चाहिए।

Conclusion

आज इस आर्टिकल से हमने जाना की कोचिंग के बिना आईएएस की तैयारी कैसे करें? यह बात भी जाने की क्या कोचिंग के बिना आईएएस की तैयारी हो सकती है या नहीं, साथ ही साथ हमने यह भी जाना कि UPSC की coaching करना गलत है या सही है,

इसके अलावा हमने जाना कि हमें coaching की आवश्यकता क्यों पड़ती है, और यह भी जाना की हम IAS की तैयारी घर बैठे कैसे कर सकते हैं, और यह भी जाना की हमें coaching की जरूरत कब पड़ेगी।

आशा है कि इन सारे बातों को जानकर और इस आर्टिकल को पढ़कर आपका या कंफ्यूजन दूर हो गया होगा कि हमें coaching करनी चाहिए या नहीं।

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