Depression ka kya matlab hota hai | Depression का क्या मतलब होता है?

आज इस आर्टिकल में हम डिप्रेशन का मतलब क्या होता है? (Depression ka matlab kya hota hai?), डिप्रेशन क्या होता है? (depression kya hota hai?),इन सब के बारे में विस्तार से जानेंगे।

दोस्तों आज के समय की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में Tension, उदासी जैसी चीजें हमारे दैनिक जीवन में अपना स्थान बनाती जा रही है। हर कोई सफल होने की इच्छा रखता है, और उसके लिए मेहनत भी करता है, लेकिन यह बात जरूरी नहीं होती कि हर बार हर काम में सफलता मिले।

कई बार जीवन में जब लोग कुछ कामों में असफल होते हैं, तो उस असफलता का उनके ऊपर प्रभाव पड़ता है। जब किसी चीज के प्रति हमारी महत्वाकांक्षा ज्यादा होती है और किसी कारण से हमें वह नहीं मिल पाए, या उम्मीद से ज्यादा की चाहत ना पूरी होने पर हम Depression जैसी बीमारी का शिकार हो सकते हैं।

विशेष तौर पर जो युवा होते हैं, जिनमें महत्वाकांक्षा और कुछ पाने की इच्छा प्रबल होती है, वे ही असफल होने पर depression में आ जाते हैं। यहां पर भी सिर्फ असफलता या कुछ ना मिल पाना ही depression का कारण नहीं होता, अन्य कुछ कारणों से भी कोई व्यक्ति डिप्रेशन में जा सकता है। डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी के समान है जिसे कई बार हम उदासी और टेंशन जैसी चीजों से confuse कर लेते हैं, जो कि बिल्कुल भी सही नहीं है।

डिप्रेशन देखा जाए तो इन छोटी दिक्कतों की तुलना में काफी बड़ी है। आत्महत्या जैसे बड़े कदम depression की चपेट में आने पर ही उठाए जाते हैं। किसी व्यक्ति के डिप्रेशन में होने से इसका उस पर काफी बुरा प्रभाव पड़ सकता है इसीलिए यह बात जरूरी होती है कि हमें डिप्रेशन का वास्तविक मतलब पता हो जिससे इससे संबंधित समस्याओं को सुलझाने में मदद मिले।

आज इस लेख में हम इसी के बारे में चर्चा करेंगे। depression का मतलब क्या होता है? , depression क्या कारण होते हैं? एवं इससे संबंधित अन्य कुछ बातों को पर भी चर्चा करेंगे।

Depression क्या है?

आसान शब्दों में depression का मतलब मन के दुखों और समस्याओं से है। हिंदी में इसे अवसाद कहा जाता है। इसका तात्पर्य मनोविज्ञान यानी मानसिक क्षेत्र में मन के भाव से संबंधित दुख से होता है।

Depression को एक मानसिक रोग या सिंड्रोम कहां जाता है। कोई इंसान बार-बार अपनी असफलताओं से हताश होकर, या फिर प्रेम संबंध जैसी चीजों में समस्याओं को लेकर डिप्रेशन का शिकार हो सकता है। कई बार यह देखा गया है कि डिप्रेशन की अवस्था व्यक्ति के प्रेम संबंध को लेकर भी गंभीर होती है।

डिप्रेशन में होने पर कोई व्यक्ति खुद को सभी तरफ से लाचार और निराश महसूस करने लगता है, जिसके बाद खुशी और हंसी जैसी चीजें उसके लिए बेमतलब हो जाती है। डिप्रेशन के परिणाम स्वरूप कोई व्यक्ति उग्र स्वभाव का हो सकता है, अप शब्द का इस्तेमाल करना, शंका इत्यादि जैसी चीजें भी इसमें शामिल है। W.H.O यानी World health organisation के मुताबिक करोड़ों की संख्या में लोग डिप्रेशन का शिकार रहते हैं

दोस्तों,परिवारजनों या आसपास के लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए यदि कोई ऐसा व्यक्ति दिखता है जो स्वयं में गुमसुम रहता है, ज्यादातर निराशावादी बातें करता है या ज्यादा समय अकेले में बिताता है तो ऐसा संभव है कि वह व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार हो। यह उस व्यक्ति के लिए काफी खतरनाक हो सकता है। और क्योंकि यह एक serious मानसिक बीमारी है, इसीलिए पीड़ित व्यक्ति को एक अच्छे मनोचिकित्सक के पास ले जाने की आवश्यकता होती है।

टेंशन, उदासी और डिप्रेशन में अंतर होता है?

कई बार हम थोड़ा टेंशन में रहने पर या थोड़े से उदास रहने पर भी उसे डिप्रेशन समझ लेते हैं जबकि ऐसा नहीं होता है। थोड़ा टेंशन या तनाव हमें किसी काम के प्रति हो सकता है जिसके पूरे हो जाने पर वह खत्म हो जाता है। इसके अलावा उदासी भी कुछ इसी प्रकार की होती है। उदासी भावनात्मक स्थिति होती है जो जिंदगी की छोटी बड़ी , नेगेटिव और पॉजिटिव दोनों ही प्रकार की घटनाओं से हो सकती है।

उदासी भी ज्यादा लंबे समय के लिए नहीं होती थोड़ी स्थिति बदलने पर आप दोबारा खुश हो जाते हैं। एक प्रकार से उदासी और डिप्रेशन में अंतर इसके बार-बार आने यानी समय अवधि और लक्षण की तीव्रता से किया जा सकता है। लंबे समय अवधि तक जैसे कि 2 या 3 हफ्ते तक टेंशन या उदासी रहने पर यह डिप्रेशन हो सकता है।

डिप्रेशन के कारण (Cause of Depression in hindi)

जैसा कि हमने जाना कि डिप्रेशन एक मनोवैज्ञानिक बीमारी है, किसी व्यक्ति के डिप्रेशन में जाने के कई सारे कारण हो सकते हैं। जिनमें से कुछ तीन चार कारण सबसे प्रमुख होते हैं। कोई व्यक्ति डिप्रेशन में है की नही या डिप्रेशन में आ सकता है कि नहीं यह उसके व्यक्तित्व पर भी निर्भर करता है, यदि किसी का व्यक्तित्व ही ऐसा है कि उसे किसी छोटी सी बात से भी ज्यादा फर्क पड़ जाता है, बातों को ज्यादा दिल से लगाता है तो ऐसे में कोई छोटी सी भी निराशाजनक बात के चलते वह डिप्रेशन में जा सकता है।

इसके अलावा डिप्रेशन का एक और बड़ा कारण वातावरण होता है। यहां वातावरण का मतलब है कोई व्यक्ति किन लोगों के बीच रहता है,कैसी बातों को सुनता है इत्यादि। बड़ी संख्या में लोगों द्वारा किसी के बात को वैल्यू ना देना, उसे नजरअंदाज करना, डिप्रेशन का कारण हो सकता है।

इसके अलावा यदि किसी के माता-पिता डिप्रेशन के शिकार रहे हैं या परिवार में अन्य किसी के साथ डिप्रेशन के चलते कोई हादसा हुआ हो, तो ऐसे में परिवारजनों में से किसी के डिप्रेशन में आने की आशंका ज्यादा हो सकती है। साथ ही डिप्रेशन के कुछ भौतिक कारण भी हो सकते हैं जिनमें मौसम, बीमारी नशा, कुपोषण, हार्मोन, अप्रिय स्थिति इत्यादि शामिल हो सकती है।

Conclusion

आज इस आर्टिकल में हमने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी को जाना है आर्टिकल में हमने जाना है कि डिप्रेशन का मतलब क्या होता है? (Depression ka matlab kya hota hai?), डिप्रेशन क्या होता है? (Depression kya hota hai?), डिप्रेशन से कैसे बचे? Depression होने का कारण क्या है? इन सब बातों को इस आर्टिकल में आज हमने जाना है।

मुझे उम्मीद है की आर्टिकल तो को पढ़कर आपको डिप्रेशन का मतलब क्या होता है? (Depression ka matlab kya hota hai?), डिप्रेशन क्या है? (Depression kya hai?) इसके बारे में सारी जानकारी मिली होगी आर्टिकल पढ़कर आपको अच्छी जानकारी मिली है तो हमारे आर्टिकल को अपने दोस्तों को शेयर करें क्योंकि तभी हम लोगों को Depression के बारे में जानना बहुत जरूरी है और यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ही खतरनाक होता है इसलिए हमें इसके बारे में जाना बहुत जरूरी है।

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