Vivo किस देश की कंपनी है? | vivo kis desh ki company hai

आज हम जानेंगे कि vivo किस देश की कंपनी है? (Vivo kis Desh ki company hai) तथा Vivo company का मालिक कौन है?

Vivo, BBK Electronics corporation के अंतर्गत आने वाली एक कंपनी है। BBK Electronics एक चाइना आधारित कंपनी है। इसीलिए vivo भी मूल रूप से एक ‘चाइना’ की कंपनी है।

जैसे-जैसे स्मार्ट फोन का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है वैसे वैसे अलग-अलग देश के अलग-अलग कंपनियां भारत के बाजार में अलग-अलग स्मार्टफोन लॉन्च करती जा रही है। जिससे की मोबाइल फोन खरीदने वाले ग्राहकों के पास ढेर सारे विकल्प मौजूद होते हैं जिनमें से वह अपनी इच्छा और अपनी आवश्यकता के अनुसार चुनाव कर सकते हैं। अलग-अलग स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां भारतीय बाजार में आए दिन नए नए स्मार्टफोन लॉन्च कर रही है जिससे कि वह ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करके अपनी कंपनी के ज्यादा से ज्यादा स्मार्ट फोन बेच सकें।

स्मार्टफोंस यूजर की संख्या हमारे देश में दिन प्रतिदिन बढ़ ही रही है जिससे वर्तमान में स्मार्टफोन की मांग भी तेजी से बढ़ रही है जिस कारण अलग-अलग स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां भारतीय बाजार में अपने बढ़िया से बढ़िया स्मार्टफोन लांच कर रहे हैं। वर्तमान में भारतीय बाजार में न्यू स्मार्टफोन सबसे ज्यादा बिकते हैं उनमें से ज्यादातर चाइना आधारित कंपनियों के ही स्मार्टफोन है। Xiaomi, redmi, oppo, realme के smartphones आपको बाजार में लगभग हर जगह ही देखने को मिल जाएंगे।

इन कंपनियों के अलावा vivo के स्मार्टफोंस भी आपको बाजार में काफी ज्यादा देखने को मिलेंगे। आज के समय में बहुत से लोगों के द्वारा विवो कंपनी के स्मार्टफोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। हमारे देश में जब स्मार्टफोंस का इस्तेमाल बढ़ने लगा, तब vivo ने एक कैमरा सेंट्रिक (camera centric) स्मार्टफोन के रूप में भारतीय बाजार में अपनी शुरुआत की थी। इस कंपनी के स्मार्टफोंस बहुत ही शानदार कैमरे के साथ आते हैं, जिनसे यूजर काफी अच्छी क्वालिटी में और बेहतरीन फोटोस खींच सकते हैं।

आज इस लेख में हम मुख्यत: है इसी बात पर चर्चा करेंगे की Vivo किस देश की कंपनी है?  (vivo kis desh ki company hai) Vivo का मालिक कौन है? और Vivo कंपनी से संबंधित कुछ बातें को जाएंगे –

Vivo किस देश की कंपनी है?

Vivo communication technology एक  टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो स्मार्टफोंस के साथ-साथ स्मार्टफोंस के लिए एक्सेसरीज और सॉफ्टवेयर भी बनाती है।

यह एक चाइनीस कंपनी है जिसका मुख्यालय गुआंगडोंग स्टेट के डोंगुआन में है, जो कि चाइना में स्थित है। Vivo चाइना की एक दिग्गज इलेक्ट्रॉनिक कंपनी BBK electronics की एक सहायक कंपनी है।

BBK electronics corporation की शुरुआत चाइना में 1988 में हुई थी जो कि आज एक काफी बड़ी कंपनी है और आज के बहुत सारे बड़े मोबाइल ब्रांड इस कंपनी के अंतर्गत आते हैं।

Vivo के अलावा भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में उपलब्ध अन्य स्माटफोन ब्रांड जैसे ओप्पो (oppo), रियल मी (realme), वन प्लस (oneplus) आइक्यू (iQooo) भी BBK electronics  कि सहायक कंपनियां ही है।

विवो कंपनी ने 2009 के आसपास स्मार्टफोन बनाने की दुनिया में अपना कदम रखा जिसके बाद इस कंपनी का तेजी से विकास हुआ और वर्तमान में यह एक प्रमुख स्मार्टफोन निर्माता कंपनी है।

भारत में विवो के स्मार्टफोन को ज्यादा इसकी बेहतरीन कैमरा के लिए जाना जाता है, जब यह भारतीय बाजार में आया था तब अपनी बेहतरीन फोटोस खींच सकने की काबिलियत के कारण selfi के लिए काफी पॉपुलर हुआ था।

आज के समय में vivo के budget smartphones से लेकर mid range smartphone और flagship smartphones भी आते हैं। इस कंपनी के स्मार्टफोन की कीमत 7000 से शुरू होकर आगे और बढ़ती जाती है।  

Vivo, growth के साथ-साथ इनोवेशन पर भी ध्यान देती है। हिंदी को के द्वारा ही दुनिया का पहला dual display वाला फोन जो लॉन्च किया गया था जिसमें आगे और पीछे दोनों ही तरफ डिस्प्ले था, इसे vivo nex का नाम दिया गया था। इसके साथ ही दुनिया का सबसे पतला स्मार्टफोन बनाने में भी वीवो का ही नाम आता है।

Vivo के smartphones अपनी बेहतरीन डिजाइन के लिए भी जाने जाते हैं, ये स्मार्टफोंस बाजार में उपलब्ध कुछ सबसे बेहतरीन डिजाइन वाले फोन  होते हैं। आज के समय में आने वाले विवो के स्मार्टफोन दमदार कैमरे और बेहतरीन फीचर्स के साथ आते हैं।

Vivo का मालिक कौन है?

वैसे तो vivo कंपनी BBK electronics के अंतर्गत आती है, पर एक बड़ी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी होने से इसके भी चेयरमैन, प्रेसिडेंट और सी ई ओ है।

Vivo company की स्थापना Duan Yongping और Shen Wei के द्वारा साल 2009 में की गई थी वर्तमान में भी यह दोनों इस कंपनी में कार्यरत हैं जिनमें Duan Yongpin vivo के चेयरमैन है, और Shen Wei विवो के प्रेसिडेंट तथा सीईओ यानी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर कार्यरत हैं।

यह दोनों ही चीन के नागरिक हैं, इनका जन्म चाइना में ही हुआ था और चाइना से ही उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की।

Shen Wei vivo के ग्लोबल सीईओ है यानी विश्व स्तर पर होने वाली कंपनी की गतिविधियों की देखरेख ये करते हैं। विवो कंपनी दुनिया के कई देशों में operate करती है और हर देश में इस कंपनी का एक अलग हेड होता है जो उस पार्टिकुलर देश के स्मार्टफोन मार्केट को समझ कर वहां की जरूरत के हिसाब से लोगों की जरूरत के लिए अपनी कंपनी के प्रोडक्ट लॉन्च कर सके। vivo इंडिया के CEO Jerome Chen हैं, यानी इंडिया के लिए भारतीय मार्केट में वीवो की तरफ से कौन से स्मार्टफोंस और प्रोडक्ट लॉन्च होंगे और Indian smartphone market में vivo के लिए फैसले यही लेते हैं।

Vivo का इतिहास

आज विवो मोबाइल कंपनी को हम एक स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी के तौर पर जानते हैं, साल 2009 में विवो ने स्मार्टफोंस बनाने की शुरुआत की थी इससे पहले भी विवो कंपनी थी लेकिन उस समय यह कंपनी स्मार्टफोन मार्केट पर फोकस नहीं थी उस समय विवो का ध्यान सॉफ्टवेयर पर और सॉफ्टवेयर आधारित सेवाएं बनाने पर था।

अपने शुरुआत के दिनों से विवो ने मार्केट में अपनी जगह बनाने के लिए दुनिया के अलग-अलग देशों में अपनी सर्विसेस को शुरू कर दिया। दुनिया भर के अलग-अलग देशों में वीवो का नाम है।

दुनिया के अलग-अलग देशों में, इंडिया, थाईलैंड इंडोनेशिया, म्यानमार, मलेशिया, फिलीपींस, वियतनाम आदि देशों में इस कंपनी ने अपने स्मार्टफोंस लॉन्च किए जिससे 2014 के आसपास वीवो का अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से विकास हुआ।

साल 2015 के first quarter यानी साल के पहले 3 महीनों के खत्म होने तक विवो दुनिया के शीर्ष दस यानी टॉप 10 स्मार्टफोन ब्रांड में अपना नाम दर्ज करा चुका था, इस समय विवो पूरी दुनिया के 2.7% मोबाइल फोन बेच रही थी। आने वाले सालों में 2017 तक विवो ने दुनिया के दूसरे देशों जैसे श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, हांगकांग, रूस आदि जैसे देशों में अपने स्मार्टफोंस को लांच किया। इन देशों में भी कंपनी ने काफी तेजी से मार्केट में अपनी जगह बनाई।

साल 2015 में भारत में होने वाले सबसे लोकप्रिय प्रीमीयर लीग यानी IPL (Indian premier league) को स्पॉन्सर किया था। 25 अक्टूबर 2015 को विवो भारत में होने वाली इंडियन प्रीमियर लीग का टाइटल स्पॉन्सर बना। शुरुआत में यह डील 1 साल की थी जिसे बाद में बढ़ाकर साल 2022 तक कर दिया गया था।

परंतु साल 2020 में भारत चाइना के बीच होने वाले सीमा संबंधी विवादों के चलते लोगों द्वारा भारतीय क्रिकेट बोर्ड की आलोचना की गई, जिसके चलते 2020 के लिए विवो को स्पॉन्सरशिप से हटा दिया गया और आगे के सालों में ऐड कर दिया गया। साल 2017 के अंदर विवो कंपनी के द्वारा फीफा के साथ भी स्पॉन्सर टाईअप किया है।

आज के समय में मुख्य रूप से हम विवो को एक स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी के रूप में जानते हैं। वीवो स्मार्टफोन बनाने के साथ-साथ स्मार्टफोन एक्सेसरीज भी बनाती है, जिसमें मोबाइल फोन के साथ इस्तेमाल किए जाने वाले दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स आते हैं।

अभी मार्केट में आपको वीवो के ऑडियो प्रोडक्ट्स भी देखने को मिल जाएंगे जिसमें विवो के वायर्ड हेडफोंस, विवो के neck band स्टाइल हेडफोंस और  ट्रू वॉयरलैस इयरफोंस भी आते हैं।

विवो की तरफ से बेहतरीन फीचर्स से लैस smart watches भी लॉन्च किए जा रहे हैं। प्रोडक्ट्स के अलावा विवो सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन सर्विसेज भी देती है।

Conclusion

दोस्तों स्मार्टफोन की जरूरत हम सभी को है। आज के समय में स्मार्टफोन कई तरीके से हमारे जीवन को आसान बनाती है। ऐसे में जहां हर किसी को एक बार फोन की जरूरत है आपको आवश्यकता पड़ती है अपने लिए एक सही स्मार्टफोन चुनने की। आज के समय में बाजार में आपको अलग-अलग ब्रांड के कई सारे स्मार्टफोंस में से चुनने का विकल्प मिलता है।

आप जिस भी ब्रांड के स्मार्टफोन का चुनाव करते हैं, आपको यह बात पता होनी चाहिए कि वह ब्रांड किस देश का है। जिससे आपको अपने लिए स्मार्टफोन सुनने में थोड़ी आसानी हो सकती है आज के इस लेख में हमने भारतीय स्मार्टफोन मार्केट की एक प्रमुख कंपनी Vivo के बारे में जाना कि Vivo किस देश की कंपनी है? (vivo kis desh ki company hai) Vivo का मालिक कौन है इत्यादि।

अभी कुछ समय पहले चीन का भारत के साथ कुछ मतभेद की स्थिति में हमारे देश में ‘boycott चाइना’ की लहर थी। भारतीय उपभोक्ताओं को ज्यादा से ज्यादा हमारे देश में ही बनाई गई चीजों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा था, जिससे कि चाइना से निर्यात की जाने वाली वस्तुएं का उपयोग करना भारतीय नागरिक छोड़ दें। इन वस्तुओं में ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक सामान ही थे, और इलेक्ट्रॉनिक में भी मुख्य तौर पर चाइना आधारित कंपनियों के स्मार्टफोंस थे। ऐसे में यदि कोई उपभोक्ता कोई एक नया स्मार्टफोन लेने जा रहा हो, तो उसके लिए इस बात का पता होना जरूरी हो जाता है कि वह जिस कंपनी का फोन ले रहा है वह असल में किस देश का है।

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