पत्र कितने प्रकार के होते हैं? | Patra kitne prakar ke hote Hain

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आज के इस आर्टिकल में हम पत्र कितने प्रकार के होते हैं? (Patra kitne prakar ke hote Hain in Hindi), पत्र क्या है? इन सब के बारे में जानेंगे।

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दोस्तों आज के समय में यदि हमें किसी से संपर्क करने की आवश्यकता पड़ती हैं तो हम कुछ ही सेकंड में मोबाइल से बात कर लेते है। परंतु पहले के समय में ऐसी स्थिति नहीं थी, पहले आज की तरह SMS, Email, Fax जैसे आधुनिक उपकरण मौजूद नहीं थे उस समय हालचाल पूछने यह सूचना देने  इत्यादि के लिए पत्र का प्रयोग किया जाता था। आज के समय में भी पत्र का उपयोग किया जाता है खास करके औपचारिक कामों में तो पत्र ही मुख्य रूप से इस्तेमाल होता है।

पहले संदेश पहुंचाने, सूचना देने, साथ ही साथ औपचारिक  कामों में पत्र का इस्तेमाल होता था। पत्रों को पहुंचाने के लिए भारत सरकार द्वारा भारतीय डाक विभाग की स्थापना की गई है, जिसके द्वारा सभी प्रकार के पत्रों को पहुंचाने के लिए आपको कुछ शुल्क देना होता है। आज के आर्टिकल में हम मुख्यता पत्रों के बारे में ही जानेंगे, विशेष तौर पर, पत्र कितने प्रकार के होते हैं? इन्हें कैसे लिखा जाता है? इत्यादि।

अगर आप भी ये जानना चाहते हैं की पत्र कितने प्रकार के होते हैं? अलग अलग तरह के पत्र कैसे लिखे जाते हैं? तो ये आर्टिकल को पूरा ध्यान से पढ़ें।

पत्र कितने प्रकार के होते हैं? (Patra kitne prakar ke hote hain?)

यदि बात की जाए पत्रों के प्रकार की तो मुख्य रूप से पत्र दो प्रकार के होते हैं जो कि निम्नलिखित हैं

पत्र कितने प्रकार के होते हैं?
  • औपचारिक पत्र
  • अनौपचारिक पत्र

औपचारिक पत्र

अंग्रेजी भाषा में औपचारिक पत्र को ही formal letter के नाम से जाना जाता है। औपचारिक कार्यों से संबंधित कामों में formal letter लिखा जाता है। औपचारिक काम जैसे किसी की official शिकायत के लिए लिखा गया पत्र, official अवकाश के लिए लिखा गया पत्र, किसी सरकारी अधिकारी को लिखा गया पत्र, किसी विभाग को लिखा गया पत्र, कार्यालय से संबंधित पत्र, किसी दुकानदार, किसी प्रकाशक, व्यापारी या किसी कंपनी को लिखा गया व्यवसाय पत्र इत्यादि औपचारिक पत्र होते हैं।

औपचारिक पत्र को  लिखने का  एक निर्धारित तरीका होता है, औपचारिक पत्रो का एक फॉर्मेट होता है और हमेशा उस फॉर्मेट में ही पत्र लिखना होता है। औपचारिक पत्र सामान्यतः किसी अधिकारी, सरकारी विभाग यानी मूल रूप से किसी ऑफिशियल को ही लिखा जाता है इसीलिए उसमें व्यवस्थित रूप से बात को स्पष्ट शब्दों में तथा साफ-सुथरी भाषा में  लिखा जाता है। औपचारिक पत्र लिखने की जरूरत कई बार पढ़ सकती है इसीलिए हर किसी को औपचारिक पत्र लिखने की जानकारी होनी चाहिए जिससे आवश्यकता पड़ने पर वे पत्र लिख सकें। स्कूल के दिनों में छुट्टी लेने या अन्य किसी कार्य के लिए प्रिंसिपल को लिखे गए पत्र औपचारिक पत्र ही होते हैं।

अनौपचारिक पत्र

अनौपचारिक पत्र को ही अंग्रेजी में informal letter के नाम से जाना जाता है। औपचारिक पत्र का मतलब एक प्रकार से निजी पत्र जैसे कि Love letter, letter to parents and friend होता है यानी जो आपस में अपनी जान पहचान वालों से बात करने के लिए लिखा जाता है। इसमें आप अपने किसी दोस्त या रिश्तेदार को  कुछ बताने या हाल-चाल इत्यादि पूछने के लिए पत्र लिखते हैं। यानी मुख्य रूप से अनौपचारिक पत्र का मकसद सिर्फ अपनी जान पहचान वालों या एक दूसरे  से बात करने, एक दूसरे के बारे में जानकारी लेने, कुशलता जानने इत्यादि  होता है।

Informal letter का मतलब हो जाता है जिसमें कोई Formalities ना हो। औपचारिक पत्र की तरह अनौपचारिक पत्र को लिखने का कोई एक निर्धारित तरीका या फॉर्मेट सामान्यतः नहीं होता है। अनौपचारिक पत्र में सीधे-सीधे अपनी बात को लिखा जा सकता है  स्पष्ट शब्दों और साफ भाषा का इसमें इतना महत्व नहीं होता है, बोलचाल की ही तरह इसे लिखा जा सकता है। भाई बहन को बधाई देते हुए पत्र, किसी का हाल चाल पूछने या शुभकामना इत्यादि भेजने के लिए लिखा गया पत्र अनौपचारिक पत्र कहे जा सकते हैं।

पत्र क्या है?

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वैसे तो यह बताने कि बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है, कि पत्र किसे कहते हैं, आम भाषा में  इसे चिट्ठी कहते हैं। कागज में लिखकर कोई संदेश या सूचना इत्यादि को  भेजे जाने  पर उस कागज को जिस पर लिखा रहता है, वही पत्र होता है। वर्तमान में तो हम एक दूसरे से बात करने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं जिसमें बोलकर बात कर ली जाती है। पहले के समय जब मोबाइल जैसी चीज नहीं थी, तब लोग कागज या अन्य किसी चीज पर लिखकर एक दूसरे को भेज कर एक दूसरे से बात करते थे और यही पत्र होता है। अपनी इच्छा अनुसार बातों या कोई जानकारी या सूचना  लिखकर एक दूसरे को भेज कर पत्र के द्वारा हालचाल जानते थे। सभी को ज्ञात है कि राजा महाराजाओं के समय भी औपचारिक बातो इत्यादि के लिए पत्र का ही इस्तेमाल होता था।

पत्र लिखने का तरीका

हालांकि पत्र को लिखने का एक निर्धारित तरीका औपचारिक पत्र का ही होता है परंतु एक अनौपचारिक पत्र लिखते समय भी कुछ बातों का ध्यान रखना अच्छा होता है।

एक औपचारिक पत्र में आपको सिस्टमैटिक तरीके से लिखना होता है। जिसमें सबसे पहले आप जिसे पत्र लिख रहे हैं उनका नाम मेंशन किया जाता है, दिनांक, इसके अलावा किस विषय में पत्र लिख रहे हैं, अपनी बात और अंत में अपना नाम और पता लिखना रहता है।

अनौपचारिक पत्र में भी एक अच्छा पत्र लिखने के लिए आप सबसे पहले अपना नाम पता और दिनांक इत्यादि लिख दे।

पत्र में संबोधन और अभिवादन किया जाता है औपचारिक पत्र में आप महाशय इत्यादि से संबोधन और अभिवादन करते हैं। अनौपचारिक पत्र में भी संबोधन और अभिवादन करना अच्छा रहता है।

आप किस विषय में पत्र लिख रहे हैं उसे साफ साफ और स्पष्ट लिखना चाहिए। औपचारिक पत्र में विषय लिखकर आप उसके सामने जिस भीविषय में पत्र लिख रहे हैं, वह लिखते हैं। अनौपचारिक पत्र में भी आप किस बारे में कहना या जानना चाहते हैं वह लिखेंगे।

पत्र लिख लेने के बाद अंत में आप अपना पता स्वनिर्देश लिखते हैं औपचारिक पत्र में तो यह बात जरूरी होती ही है साथ ही अनौपचारिक पत्र में भी नाम और पता लिखा जाता है। अंत में आपके हस्ताक्षर तो होने ही चाहिए। 

कोई भी पत्र लिखते समय, चाहे आप एक औपचारिक पत्र लिख रहे हैं या अनौपचारिक पत्र हमेशा साफ और स्पष्ट भाषा और शैली का उपयोग करना चाहिए। आप जो बात कहना चाहते हैं उसे जितना स्पष्ट और सुंदर लेखन में लिख सके उतना ही बेहतर है, जिससे सामने वाला उसे बेहतर समझ सके।

Conclusion

हम सब ने कभी ना कभी पत्र लिखा ही होगा क्योंकि आज के समय में हिंदी और अंग्रेजी विषय के परीक्षाओं में पत्र लेखन आना अनिवार्य है। पत्र लेखन आना बच्चों के लिए बहुत ही अनिवार्य है। आज इस आर्टिकल में हमने पत्र लेखन के बारे में जाना है इस आर्टिकल में मैंने आपको पत्र कितने प्रकार के होते हैं? विभिन्न प्रकार के पत्र कैसे लिखे जाते हैं? इन सब के बारे में विस्तार से बताया है।

यह आर्टिकल सारे छात्रों के लिए बहुत ही फायदेमंद होगी क्योंकि इसमें हमने पत्र के प्रकार के बारे में जाना है और विभिन्न प्रकार के पत्र लिखने के तरीके के बारे में जाना है। मुझे उम्मीद है कि इस आर्टिकल को पढ़कर आपको अच्छी जानकारी मिली है अगर आपको हमारा आर्टिकल अच्छा लगा तो शेयर जरूर करें

धन्यवाद

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