इंजीनियर कितने प्रकार के होते हैं? (Type Of Engineers In Hindi)

आज हम जानेंगे कि इंजीनियर कितने प्रकार के होते हैं? (Engineer Kitne Prakar Ke Hote hai) तथा अगर आप एक इंजीनियर बनना चाहते हैं तो आपको कौन से इंजीनियर बनना चाहिए या अगर आपकी रूचि किसी क्षेत्र में है तो उस क्षेत्र में जाने के लिए आपको कौन से इंजीनियरिंग कोर्स को करना होगा।

वैसे तो भारत में और भारत के बाहर भी इंजीनियरिंग के बहुत से अलग-अलग प्रकार होते हैं लेकिन यहां लोग कुछ चुनिंदा 5 से 6 क्षेत्र में ही अपना कैरियर बनाने की सोचते हैं क्योंकि या तो उन्हें अच्छी तरह से जानकारी नहीं होती है या उनकी रूचि नहीं होती है।

लेकिन अगर आप इंजीनियरिंग करना चाहते हैं तो ऐसे में आपको पता होना चाहिए कि कितने प्रकार के इंजीनियर होते हैं कौन-कौन से इंजीनियर होते हैं ताकि इंजीनियरिंग को आप अपने कैरियर बना सकें।

इंजीनियर कितने प्रकार के होते हैं? (Type of Engineers in hindi)

इंजीनियर के बहुत से अलग-अलग प्रकार होते हैं जिनमें से कुछ का नाम नीचे दिए हुए हैं –

  • Biomedical engineering
  • Aeronautical engineering
  • Biotechnology engineering
  • Chemical engineering
  • Civil Engineering
  • Communication engineering
  • Electrical engineering
  • Computer Science engineering
  • Electronics Engineering
  • Petroleum engineering
  • Mechatronics engineering
  • Machanical engineering
  • Industrial engineering
  • Marine engineering
  • Environment engineering

इंजीनियरिंग कितने प्रकार के होते हैं? (Type of Engineering In Hindi)

Biomedical engineering

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है कि इस क्षेत्र में आपको बायोलॉजी तथा इंजीनियरिंग दोनों पढ़ने का मौका मिलेगा इस क्षेत्र में मेडिकल के फील्ड में जितने भी मशीन का इस्तेमाल होता है जैसे कि एक्स-रे मशीन या आर्टिफिशियल बॉडी ऑर्गन बनाना इस तरह के जितने भी मशीन होते हैं जो कि मेडिकल के फील्ड इस्तेमाल किए जाते हैं।

उस तरह के मशीनें को बनाने का काम होता है तथा उन्हें रिपेयर करना एवं नई नई तकनीक को दुनिया के सामने लाना इत्यादि बायोमेडिकल इंजीनियर का काम होता है।

Aeronautical engineering

इंजीनियरिंग के इस क्षेत्र में स्पेस या अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले रॉकेट मिसाइल एयरक्राफ्ट इत्यादि इन जैसे बड़े-बड़े मशीनों पर अध्ययन किया जाता है उन्हें बनाने का तकनीक सिखाया जाता है तथा उन्हें रिपेयर करना एवं आने वाले वक्त में नए-नए तकनीक को दुनिया के सामने लाना। इस तरह के काम को Aeronautical engineering द्वारा किया जाता है।

अगर आपकी रूचि अंतरिक्ष से जुड़े अलग-अलग प्रकार के मशीनों को बनाना उन्हें डिजाइन करना करने में है तो आप इस इंजीनियरिंग कोर्स को कर सकते हैं।

Biotechnology engineering

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आपको हमारे पर्यावरण से जुड़े पेड़ पौधे की संरचना हाइब्रिड पेड़ पौधे को तैयार करना हाइब्रिड बीज को तैयार करना इस तरह की चीजें बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियर द्वारा किया जाता है।

उदाहरण के तौर पर अगर मैं आपको समझाऊं तो आजकल आपने देखा होगा कि बहुत से बीज ऐसे होते हैं जो कि बहुत सस्ते होते हैं लेकिन उस बीज से हमें अत्यधिक मात्रा में फलों का उत्पादन होता है आखिर यह सब कैसे हुआ

यह सारी चीजें पर रिसर्च किया जाता है बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियर के द्वारा। सिर्फ पेड़-पौधे ही नहीं बल्कि जीव जंतुओं पर भी इन्हें रिसर्च करना होता है।

Chemical engineering

केमिकल इंजीनियरिंग यानी कि रसायन और रासायनिक पदार्थ पर अध्ययन।

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अलग-अलग प्रकार के रसायन बनान रसायन को इस्तेमाल करने के लिए दुनिया के सामने लाना तथा उन्हें रसायन को भविष्य में बदल कर किसी दूसरे रसायन में परिवर्तित कर देना इस तरह के काम को केमिकल इंजीनियर द्वारा किया जाता है।

यहां रसायंस का मतलब उन सारे पदार्थों से हैं जिन्हें बनाने के लिए केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है वह आपके कपड़े पर किया गया कलर भी हो सकता है तथा आपके घर के दीवारों का कलर भी हो सकता है आपके स्कूल के विज्ञान प्रयोगशाला में किए गए केमिकल्स भी हो सकते हैं।

Civil Engineering

सिविल इंजीनियर की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती चली जा रही है क्योंकि जैसे-जैसे भारत देश विकसित होता जा रहा है नए-नए सिविल इंजीनियर की मांग बढ़ती ही चली जा रही है आखिरकार सिविल इंजीनियर करते क्या हैं।

सिविल इंजीनियर का काम बड़े-बड़े बिल्डिंग्स को बनाना बड़े-बड़े पुल बनाना बांध बनाना सड़क बनाना इत्यादि होती है।

आपके घर के सामने से जो सड़क गुजरी है उसे भी एक सिविल इंजीनियर द्वारा ही बनाया जाता है तथा आपके करीब में जो भी पुल बनाए गए हैं उसे भी सिविल इंजीनियर द्वारा ही बनाए जाते हैं बड़े-बड़े वेल्डिंग्स का निर्माण भी सिविल इंजीनियर द्वारा ही किया जाता है।

आने वाले कुछ समय में सिविल इंजीनियर की मांग बहुत ही तेजी से बढ़ने वाले हैं क्योंकि अब जगह-जगह सड़क बनाए जा रहे हैं। लोग खुद के लिए बड़े-बड़े आलीशान घर बना रहे हैं और अगर सड़के बनेंगे तो फिर सड़कों के साथ-साथ बड़े बड़े पुल बनाए जाएंगे नदी के लिए बांध बनाए जाएंगे इसलिए सिविल इंजीनियर की मांग हमेशा से रही है।

Communication engineering

कम्युनिकेशन का मतलब होता है एक माध्यम बात करने का यानी कि एक इंफॉर्मेशन को एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचाने को ही हम कम्युनिकेशन कहते हैं।

कम्युनिकेशन इंजीनियर क्षेत्र में काम करते हैं वह नया नए टेक्नोलॉजी को हमारे सामने लाती है जिससे कि हम बहुत तेजी से एक जगह से दूसरी जगह तक अपने इंफॉर्मेशन को भेज सकें और इनके लिए वह हमेशा रिसर्च करते रहते हैं।

कम्युनिकेशन इंजीनियर की मांग पहले भी रही है और आज भी है और भविष्य में भी इसकी मांग काफी बढ़ने वाली है क्योंकि इंटरनेट के आज के समय में हम हमेशा रफ्तार चाहते हैं वह चाहे डाउनलोडिंग की हो अपलोडिंग की हो और इन्ही रफ्तार को बढ़ाने का काम करती है कम्युनिकेशन इंजीनियर।

Electrical engineer

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है कि ऐसी मशीन जो कि विद्युत से चलती है या विद्युत को बनाने वाले मशीनों पर इसमें रिसर्च किया जाता है आपके घर में लगा हुआ पंखा ऐसे गूलर इत्यादि के सारे मशीनें इलेक्ट्रिकल इंजीनियर इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर तथा मैकेनिकल इंजीनियर इन तीनों द्वारा बनाया जाता है।

आज के समय में बिजली की उत्पादन को बढ़ाना बेहद जरूरी है क्योंकि देश के हर इंसान को 24 घंटे बिजली की आवश्यकता होती है और ऐसे में बिजली उत्पादन के नए नए तकनीक पर रिसर्च करना इलेक्ट्रिकल इंजीनियर का काम होता है।

तथा बिजली से चलने वाली नई नई मशीन को दुनिया के सामने लाना तथा उन्हें रिपेयर करना इत्यादि यह सारे काम को इलेक्ट्रिकल इंजीनियर द्वारा ही अंजाम दिया जाता है।

Computer Science engineering

कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है कि इसमें आपको कंप्यूटर से जुड़े चीजों पर रिचार्ज करना होगा जैसे कि ऐप बनाना वेबसाइट बनाना नए नए गेम्स बनाना यानी कि इस इंजीनियरिंग के कोर्स को करने के बाद आप एक डेवलपर कहलाते हैं।

डेवलपर चौकी नए-नए चीजों को बनाता है और लोगों तक पहुंचाता है।

अगर आप इस क्षेत्र में अपने पढ़ाई करते हैं तो आपको इसमें कंप्यूटर के अलग-अलग लैंग्वेज को सिखाया जाएगा।

आपको अलग-अलग प्रकार के प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को भी सिखाया जाएगा जैसे कि जावा जावा स्क्रिप्ट पाइथन इत्यादि इस तरह के लैंग्वेज को भी आपको इस कोर्स के दौरान सीखना होता है तभी आप एक अच्छा डेवलपर बन सकते हैं।

इस कोर्स को करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर आप नौकरी ना करना चाहे तो यस देखने के बाद आप अपना खुद का व्यापार भी शुरू कर सकते हैं आप खुद से ऐप डेवलप करके लोगों को बेच सकते हैं लोगों के लिए वेबसाइट बना सकते हैं आप के आस पास कोई दुकान है तो उस दुकान के लिए आप उन्हें एक वेबसाइट बनाकर दे सकते हैं और जिन के बदले वे आपको इसकी कीमत देंगे।

Electronics Engineering

इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर और इलेक्ट्रिकल इंजीनियर इन दोनों में थोड़ा अंतर होता है इलेक्ट्रिकल इंजीनियर उन मशीनों पर काम करते हैं जो कि बड़े आकार के होते हैं जिसे आप आसानी से अपनी आंखों से देख सकते हैं।

लेकिन इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर उस मशीन पर काम करते हैं जो कि बहुत छोटे आकार के होते हैं जैसे कि मोबाइल फोन का मदरबोर्ड आपके कंप्यूटर में लगे मदरबोर्ड आपके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाला मोबाइल का चार्जर इस तरह के मशीन इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर द्वारा बनाए जाते हैं।

इस कोर्स के दौरान हम ट्रांजिस्टर कैपेसिटर रेजिस्टर तथा इसी तरह के और भी अधिक इलेक्ट्रॉनिक्स के कॉम्पोनेंट के बारे में पढ़ते हैं उन्हें इस्तेमाल करने सीखते हैं तथा वे कार्य कैसे करते हैं इन पर भी हमारा रिसर्च होता है।

अगर आप इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर बनना चाहते हैं तो यह बेशक आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर की मांग हमेशा से रहे हैं और हमेशा रहेगी।

Petroleum engineering

पैट्रोलियम इंजीनियरिंग जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है कि इसमें इंधन को ढूंढने और ढूंढने के बाद वहां से निकालने की प्रक्रिया तथा निकालने के बाद उन्हें शुद्ध करना इन पर रिसर्च होती है तथा रिसर्च के साथ-साथ हमें इस तकनीक को सफलतापूर्वक चलाने के लिए नए-नए मशीनों काफी निर्माण करना होता है जो कि और भी दूसरे इंजीनियर के द्वारा किए जाते हैं।

Mechatronics engineering

यह इंजीनियरिंग का एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर कंप्यूटर इंजीनियरिंग मैकेनिकल इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग यह तीनों मिलकर काम करते हैं।

जैसा की आप लोगों को पता है कि पहले ऐसी इंडस्ट्री में हर काम को एक इंसान द्वारा किया जाता था लेकिन आज ऐसा नहीं है आज हर काम को एक रोबोट द्वारा किया जा रहा है।

आने जाने के लिए हमें गाड़ी का इस्तेमाल करना पड़ता था लेकिन अब समय बदल रहा है अब हम सामान को एक जगह से दूसरी जगह द्रोण की सहायता से पहुंचा रहे हैं तो आखिरकार इन सब चीजों पर रिसर्च कौन कर रहा है

रोबोट ड्रोन इत्यादि ऐसी चीजें जो कि हमारे काम को आसान बनाती है यह Mechatronics engineering द्वारा बनाया जाता है तथा रिसर्च किया जाता है।

Machanical engineering

मैकेनिकल इंजीनियरिंग इस चित्र में किसी मशीन को बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले टूल मशीन को तैयार करने के लिए एट मैकेनिकल पावर इत्यादि चीजों पर रिसर्च की जाती है।

अगर आप मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में अपना कैरियर चुनते हैं तो बड़े-बड़े कंपनी जिसमें के कार्स बनाए जाते हैं मोटरसाइकिल बनाए जाते हैं तथा बड़ी-बड़ी मशीनों का निर्माण किया जाता है ऐसे क्षेत्र में मैकेनिकल इंजीनियर की मांग बहुत अधिक मात्रा में होती है।

इसी से पता लग रहा होगा कि अगर आप मैकेनिकल इंजीनियर बनते हैं तो आपकी नौकरी मिलने की संभावना बहुत हद तक बढ़ जाती है तथा इसमें सैलरी भी बहुत अधिक होती है।

Industrial engineering

इंडस्ट्री यानी कि उद्योग भारत में और भारत के बाहर बहुत से बड़े बड़े उद्योग हैं और समय के साथ-साथ नए-नए उद्योग लगाए भी जा रहे हैं लेकिन इन उद्योग को सफलतापूर्वक चलाने के लिए उन्हें एक बहुत बड़े बिल्डिंग्स की जरूरत होती है जिन्हें की सिविल इंजीनियर द्वारा बनाया जाता है लेकिन इसके बाद का काम Industrial engineering द्वारा किया जाता है।

मशीनें को उसमें सेट अप करना मशीनें को सही तरीके से सही जगह पर लगाना इंडस्ट्री को सफलतापूर्वक चलाने के लिए नए-नए मशीनें को लाना और पुराने मशीनों को हटाना इस तरह के काम को Industrial engineering द्वारा किया जाता है।

Marine engineering

अगर आप मरीन इंजीनियर के रूप में अपना कैरियर चुनते हैं तो इसमें आपको समुद्री जहाज पर अपनी सेवा देने का मौका मिलेगा इस कोर्स को करने के बाद आप समुद्री जहाज में या ऐसी मशीन जो कि पानी में चलते हैं उन पर रिसर्च की जाती है उन में इस्तेमाल किए जाने वाले मशीनों को बनाए जाते हैं तथा भविष्य में खराब हो जाने पर उन मशीनें को कैसे ठीक करना है यह भी बताया जाता है।

मरीन इंजीनियरिंग करने के बाद आपकी नौकरी कहीं भी लगे लेकिन इसमें आपको घूमने का भरपूर फायदा उठा सकते हैं आपको हर वक्त नए-नए जगह घूमने का मौका मिलेगा जोकि इंजीनियर के दूसरे क्षेत्र में मिलना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।

Environment engineering

क्षेत्र में पर्यावरण पर रिसर्च किया जाता है जिससे कि पर्यावरण को प्रदूषित होने से हम कैसे बचाएंगे मिट्टी की उर्वरा शक्ति को हम कैसे बढ़ा सकते हैं इत्यादि जैसी चीजों पर Environment engineering द्वारा रिसर्च की जाती है।

तथा इन सब कामों में इस्तेमाल किए जाने वाले मशीनों का निर्माण भी इन्हें इंजीनियर द्वारा किया जाता है।

Conclusion

ऊपर मैंने आपको इंजीनियरिंग के बहुत से अलग-अलग ब्रांच के बारे में बताया लेकिन सिर्फ इतना ही नहीं है इसके अलावा भी और भी कई प्रकार के इंजीनियरिंग कोर्स होते हैं जिनमें आप अपना कैरियर बना सकते हैं।

लेकिन आपको सिर्फ और सिर्फ जरूरत है ढूंढने की आप यूट्यूब पर सर्च कीजिए आप गूगल के सहायता से ढूंढिए और ढूंढते रहिए आपको और भी नए-नए चीजें जाने का मौका मिलेगा इंजीनियर के बारे में।

मैंने आज आपको अलग-अलग प्रकार के इंजीनियर के बारे में बताया अगर आपको यह लगता है कि मुझसे कुछ छूट गई है तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं या अगर मैंने कहीं कुछ गलत बोल दिया है तो कृपया हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

हमारा जवाब आपको पसंद आया तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं इससे हमें वॉइस में काम करने में काफी मदद मिलती है।

यहां तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आपका दिन शुभ हो।

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